कुल्लू–मनाली में क्या हो रहा है?
लगातार तेज बारिश और नदियों के उफान से कुल्लू–मनाली कॉरिडोर में बाढ़ जैसे हालात बने हैं, कई स्थानों पर हाईवे के हिस्से बह जाने और भूस्खलन से यातायात बाधित हुआ है। प्रशासन ने कई प्वाइंट्स पर इमरजेंसी मरम्मत और वैकल्पिक डाइवर्ज़न लागू किए हैं, लेकिन स्थिति स्थान-विशेष पर तेजी से बदल रही है। पर्यटकों और ट्रैवलर्स को केवल आवश्यक यात्रा करने और आधिकारिक एडवाइजरी फॉलो करने की सलाह दी जा रही है।
मौसम अपडेट और अलर्ट
• अगले 48–72 घंटों में कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी रह सकती है, जिससे लैंडस्लाइड और अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहता है।
• ऑरेंज/येलो अलर्ट विंडो के दौरान निचले पुलों, नालों और नदी किनारे के ट्रैक्स से दूरी बनाकर रखें और दिन के समय ही यात्रा को प्राथमिकता दें।
• यात्रा से पहले क्षेत्रीय मौसम केंद्र के ताज़ा बुलेटिन और जिला प्रशासन की एडवाइजरी अवश्य देखें।
रोड कंडीशन्स: आज की स्थिति का स्नैपशॉट
• Chandigarh–Manali NH-3/NH-21 के बीच Mandi–Kullu सेक्शन में कई भूस्खलन/रोड कटाव पॉइंट्स रिपोर्ट होते रहे हैं।
• Kullu–Manali लिंक पर कुछ हिस्सों में रोड एम्बैंकमेंट और एप्रोच को नुकसान; लो बैंक/लेफ्ट बैंक (Naggar साइड) के जरिए सीमित/कंडीशनल मूवमेंट संभव होता है।
• क्लोज़र और वन-वे कंट्रोल बार-बार बदल सकता है; “रोड ओपन” का मतलब अक्सर नियंत्रित/डाइवर्टेड ट्रैफिक होता है, फुल-फ्लेज्ड हाईवे फ्लो नहीं।
ट्रैवलर्स के लिए जरूरी गाइड
• अभी यात्रा करनी है तो ये करें
• केवल आवश्यक यात्रा करें; मौसम स्थिर होने तक नाइट ड्राइव से बचें।
• निकलने से पहले लाइव अपडेट, ट्रैफिक पुलिस/पीडब्ल्यूडी बुलेटिन, और लोकल डाइवर्ज़न रूट की पुष्टि करें।
• फ्यूल टैंक फुल रखें, कैश/UPI दोनों विकल्प रखें, और बेसिक मेडिकल किट साथ रखें।
• रूट प्लानिंग और सेफ्टी
• हिल-कट, नाला क्रॉसिंग और रिवर-टच सेक्शन पर रुककर फोटोग्राफी न करें।
• दिन के उजाले में सफर करें; लगातार बारिश में गाड़ी की स्पीड और ब्रेकिंग डिस्टेंस बढ़ाकर रखें।
• पहाड़ी मोड़ों पर हॉर्न डिसिप्लिन रखें, स्लोप/शूटिंग स्टोन्स जोन में गैप बढ़ाकर चलें।
• होटल/स्टे बुकिंग चेकलिस्ट
• होटल का एक्सेस रोड (कौन सा डाइवर्ज़न), रिवर-प्रॉक्सिमिटी, पार्किंग सेफ्टी, बैकअप पावर/पानी की उपलब्धता की पुष्टि करें।
• फलेक्ज़िबल कैंसिलेशन लें; अगर नेटवर्क/इंटरनेट डाउन हो, तो होटल के लैंडलाइन/वैकल्पिक नंबर नोट करें।
• रिवरसाइड कैफे/कैंपिंग फिलहाल अवॉयड करें; धूप निकलने पर भी लेवल अचानक बढ़ सकता है।
इमरजेंसी और लोकल कोऑर्डिनेशन
• जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अलर्ट पर नज़र रखें; क्लीयरेंस ETA और ट्रैफिक पैटर्न बार-बार बदलते हैं।
• लोकल पुलिस, NHAI/पीडब्ल्यूडी कंट्रोल रूम के नंबर सेव करें; किसी भी नए भूस्खलन या रोड कट को रिपोर्ट करें।
• मेडिकल इमरजेंसी के लिए नज़दीकी CHC/District Hospital के लोकेशन और रूट को पहले से मैप में ऑफलाइन सेव रखें।
लॉन्ग-टर्म रिहैब और क्या उम्मीद करें
• वॉश्ड-आउट स्ट्रेच की री-बिल्डिंग में समय लग सकता है, इसलिए चरणबद्ध रूप से आंशिक खोलने और फिर बार-बार शॉर्ट क्लोजर के लिए तैयार रहें।
• स्लोप स्टैबिलाइजेशन, टो वॉल्स, गेबियन/रेटेनिंग स्ट्रक्चर्स और हाई-फ्लड मार्क के ऊपर एलिवेटेड सॉल्यूशंस जैसे कार्य चल/प्रस्तावित हो सकते हैं।
• एप्पल सीज़न/लॉजिस्टिक्स मूवमेंट के कारण ट्रैफिक बंचिंग की संभावना रहती है; ETA में बफर रखें।